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मायवती बोलीं-मोदी का सपना चूर-चूर कर दूंगी
Go Back | C NEWS , Jan 04, 2013 02:58 PM
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News Image Lucknow : 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि बीएसपी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी सूरत में प्रधानमंत्री नहीं बनने देगी। मायावती ने लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि बीएसपी की यह कोशिश होगी कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री न बन सकें। मायावती ने कहा कि मोदी का पिछला रिकॉर्ड ठीक नहीं रहा है इसलिए बीएसपी उन्हें प्रधानमंत्री बनने से रोकने की हरसंभव कोशिश करेगी। इससे पहले समाजवादी पार्टी (एसपी) की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को आबादी के आधार पर आरक्षण दिलाने का शिगूफा छोड़ने वाली एसपी केवल मुस्लिम समाज को धोखा देने का काम कर रही है। मायावती ने कहा कि एसपी ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र में कहा था कि दलितों की तरह की मुसलमानों को भी आबादी के आधार पर 18 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा लेकिन सरकार अभी तक अपना वादा पूरा नहीं कर पाई है। मायावती ने कहा कि एसपी की मंशा मुसलमानों को आरक्षण देना नहीं बल्कि खोखले वादे करके केवल वोट हासिल करना है। एसपी के अपने लोग ही अब उसे आरक्षण संबंधी वादे की याद दिला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैययद अहमद इमाम बुखारी भी पिछले दिनों सरकार को उसकी वादे की याद दिला चुके हैं। उन्होंने कहा कि एसपी के 10 महीने के कार्यकाल में सूबे में चारों तरफ केवल अराजकता और लूट का महौल कायम है। एसपी के साथ ही केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की जमकर आलोचना की। मायावती ने कहा कि आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य में एसपी का 10 महीने का कार्यकाल हर स्तर पर विफल साबित हुआ है। सरकार ने हत्या, लूट एवं बलात्कार के मामले में अपने पिछले रिकॉर्ड से आगे निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चारों तरफ अराजकता का माहौल व्याप्त है। शासन और प्रशासन व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। पूरे राज्य में एसपी के गुंडों और माफियाओं की तूती बोल रही है। जिस पार्टी में गुंडे ही भरे हों उससे अच्छी सरकार चलाने की कल्पना कैसे की जा सकती है। मायावती ने एसपी पर हमलावर रूख अख्तियार करते हुए कहा कि जब प्रदेश का मुख्यमंत्री ही हतोत्साहित करने वाला बयान दे रहा हो तो स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मायावती ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश ने वाराणसी के दौरे के समय कहा था कि प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार के लिए क्या मैं खुद वर्दी पहनूं। मुख्यमंत्री के इस तरह के बयान के बाद उनकी लाचारी को समझा जा सकता है।

मायावती ने कहा कि सूबे की वर्तमान सरकार के 48 मंत्रियों से 26 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। जब मंत्रिमंडल में इतने भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ती के मंत्री शामिल हो तो कानून व्यवस्था की स्थिति कैसे सुधर सकती है। एसपी के अलावा केंद्र की यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस का मंसूबा प्रमोशन में आरक्षण संबंधी विधेयक को पारित कराने का नही है। इसीलिए उसने इस विधेयक को लोकसभा में लटका दिया। दिल्ली गैंगरेप के मामले में मायावती ने कहा कि केवल घटना की निंदा करने और शोक जताने से महिलाओं के प्रति उत्पीड़न नहीं रूकेगा बल्कि इसके लिए सरकार को लोगों से सलाह मशविरा कर कड़े कानून बनाए जाने चाहिए।
  REPORTER C NEWS
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आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल की यह खासियत है कि वह कभी अपनी गलती नहीं मानते. इसकी बजाय वह हर चीज का ठीकरा दूसरों पर फोड़ देते हैं. लेकिन अब उन्होंने अपनी एक बड़ी गलती मान ली है. अरविंद केजरीवाल ने यह मान लिया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री पद को छोड़ देना उनकी भूल थी और यह एक गलत निर्णय था. उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने का समय गलत था, और इसका मतलब यह हुआ कि आम आदमी पार्टी की जनता के साथ संवादहीनता की स्थिति थी. वैसे केजरीवाल ने यह भी कहा कि सिद्धांत के आधार पर पद छोड़ने का उन्हें गम नहीं है. लेकिन उन्हें उस रात इस्तीफा नहीं देना चाहिए था जब कांग्रेस और बीजेपी जनलोकपाल बिल पास नहीं होने दे रहे थे. उन्होंने कहा कि अब मुझे लगता है कि हमें कुछ दिन और रहना चाहिए था व जनता को सब बताना चाहिए था. हमने जिस जल्दी में पद छोड़ने का फैसला किया और जनता के साथ हमारी संवादहीनता का फायदा कांग्रेस और बीजेपी ने उठाया. उन्होंने हमारे बारे में भ्रामक प्रचार किया. हमें भगोड़ा बताया गया. हमने यह गलती की. भविष्य में हमें और सतर्क रहना होगा. जब केजरीवाल से यह पूछा गया कि इस कारण से क्या उन्हें मिडिल क्लास की सहानुभूति से वंचित रहना पड़ा तो उन्होंने हां और ना दोनों ही जवाब दिए. उन्होंने कहा कि दो तरह के लोग निराश हुए. एक तो वह हैं जो हमारे कट्टर समर्थक हैं और सरकार में हमारे काम की सराहना करते हैं. वे लोग हमारे लिए वोट करते रहेंगे. दूसरे वर्ग में वो लोग हैं जो केजरीवाल को सीएम और मोदी को पीएम देखना चाहते थे. वे लोग निराश हुए क्योंकि हमने मोदी से सीधी टक्कर ली. ऐसे लोग हमसे बेहद नाराज हैं. अब हम ऐसे समर्थकों को फिर से वापस नहीं ला सकते.
   
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